राशिफल 2027
2027 की बड़ी ग्रह चाल, और आपकी चंद्र राशि के लिए वह किस भाव में पड़ती है।
25 जन॰ 2027: गुरु का कर्क राशि में वक्री प्रवेश
3 जून 2027: शनि का मेष राशि में प्रवेश
26 जून 2027: गुरु का सिंह राशि में प्रवेश
20 अक्टू॰ 2027: शनि का मीन राशि में वक्री प्रवेश
26 नव॰ 2027: गुरु का कन्या राशि में प्रवेश
पूरे वर्ष: राहु मकर में, केतु कर्क में
6 फ़र॰ 2027, 21:29: वलयाकार सूर्य ग्रहण (मकर), भारत से नहीं दिखेगा
21 फ़र॰ 2027, 04:42: उपच्छाया चंद्र ग्रहण (सिंह), भारत (दिल्ली) से दिखेगा
18 जुल॰ 2027, 21:32: उपच्छाया चंद्र ग्रहण (मकर), भारत (दिल्ली) से दिखेगा
2 अग॰ 2027, 15:36: पूर्ण सूर्य ग्रहण (कर्क), दिल्ली से आंशिक ग्रहण के रूप में दिखेगा
17 अग॰ 2027, 12:43: उपच्छाया चंद्र ग्रहण (मकर), भारत से नहीं दिखेगा
शनि: बारहवाँ → पहला → बारहवाँ · गुरु: पाँचवाँ → चौथा → पाँचवाँ → छठा · साढ़े साती
शनि: ग्यारहवाँ → बारहवाँ → ग्यारहवाँ · गुरु: चौथा → तीसरा → चौथा → पाँचवाँ · साढ़े साती
शनि: दसवाँ → ग्यारहवाँ → दसवाँ · गुरु: तीसरा → दूसरा → तीसरा → चौथा
शनि: नौवाँ → दसवाँ → नौवाँ · गुरु: दूसरा → पहला → दूसरा → तीसरा
शनि: आठवाँ → नौवाँ → आठवाँ · गुरु: पहला → बारहवाँ → पहला → दूसरा · ढैय्या
शनि: सातवाँ → आठवाँ → सातवाँ · गुरु: बारहवाँ → ग्यारहवाँ → बारहवाँ → पहला · ढैय्या
शनि: छठा → सातवाँ → छठा · गुरु: ग्यारहवाँ → दसवाँ → ग्यारहवाँ → बारहवाँ
शनि: पाँचवाँ → छठा → पाँचवाँ · गुरु: दसवाँ → नौवाँ → दसवाँ → ग्यारहवाँ
शनि: चौथा → पाँचवाँ → चौथा · गुरु: नौवाँ → आठवाँ → नौवाँ → दसवाँ · ढैय्या
शनि: तीसरा → चौथा → तीसरा · गुरु: आठवाँ → सातवाँ → आठवाँ → नौवाँ · ढैय्या
शनि: दूसरा → तीसरा → दूसरा · गुरु: सातवाँ → छठा → सातवाँ → आठवाँ · साढ़े साती
शनि: पहला → दूसरा → पहला · गुरु: छठा → पाँचवाँ → छठा → सातवाँ · साढ़े साती
ग्रहों की स्थिति astronomy-engine लाइब्रेरी से ली गई है और लाहिड़ी अयनांश से निरयण राशिचक्र में बदली गई है, जो भारतीय पंचांगों का मानक है।
भाव चंद्र राशि से पूरी राशियों में गिने गए हैं: जिस राशि में चंद्रमा है वह पहला भाव, अगली राशि दूसरा भाव, और इसी तरह आगे। साढ़े साती यानी शनि चंद्र राशि से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में; ढैय्या यानी शनि चौथे या आठवें भाव में।
राहु के लिए मध्यम चंद्र पात (mean node) लिया गया है, जिसे अधिकांश भारतीय पंचांग मानते हैं। केतु हमेशा राहु के ठीक सामने रहता है।
ग्रहण की दृश्यता दिल्ली के लिए गणना की गई है। उपच्छाया चंद्र ग्रहण बहुत हल्के होते हैं और आँख से मुश्किल से दिखते हैं।
2027 की मुख्य तिथियाँ द्रिक पंचांग जैसे प्रकाशित पंचांगों से मिलाई गई हैं।
AstroMystra द्वारा 2027 की ग्रह स्थितियों से गणना; तिथियाँ प्रकाशित पंचांगों से मिलाई गईं।
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