मुफ़्त वैदिक पंचांग टूल

तिथि व पंचांग कैलकुलेटर

पंचांग वैदिक पंचांग है — सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना किए गए पाँच दैनिक तत्व, जो हिंदू परंपरा में शुभ समय का मार्गदर्शन करते हैं। नीचे कोई भी तारीख डालकर तुरंत उसकी तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्र नक्षत्र), योग और करण देखें — भारत में दोपहर (IST) के संदर्भ में वास्तविक सायडेरियल खगोलशास्त्र का उपयोग करके गणना की गई।

अंतिम अपडेट: अगस्त 2026

चुनी गई तारीख को भारतीय मानक समय (IST) के दोपहर 12 बजे के लिए गणना की गई है — यह एक सरल एकल-क्षण स्नैपशॉट है, किसी विशेष शहर के लिए पूर्ण सूर्योदय-से-सूर्योदय समयरेखा नहीं।

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यह कैलकुलेटर सामान्य जानकारी और मनोरंजन के लिए एक सरल, एकल-क्षण (दोपहर IST) संदर्भ टूल है। यह मुहूर्त या अनुष्ठान समय के निर्णयों के लिए पूर्ण स्थान-आधारित पंचांग का स्थान नहीं लेता।

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पाँच अंग' (पंच + अंग), जो किसी दिन की ज्योतिषीय प्रकृति बताने वाले पाँच तत्वों को दर्शाता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। पारंपरिक हिंदू पंचांग, मंदिर के कैलेंडर और मुहूर्त (शुभ समय) की गणना इन्हीं पाँच मूल्यों पर आधारित होती है, जिनकी हर दिन सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति के आधार पर नए सिरे से गणना की जाती है।

तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्र मास के 30 विभाजनों में से एक, जिनमें से प्रत्येक चंद्रमा और सूर्य के बीच 12° के कोणीय अंतर को कवर करता है। पहली 15 तिथियाँ (शुक्ल पक्ष, बढ़ता हुआ पखवाड़ा) प्रतिपदा से पूर्णिमा तक चलती हैं; अगली 15 (कृष्ण पक्ष, घटता हुआ पखवाड़ा) प्रतिपदा से अमावस्या तक चलती हैं। एकादशी सहित कई हिंदू त्योहार और व्रत सौर तारीख के बजाय तिथि से निर्धारित होते हैं।

वार सप्ताह का दिन ही है, लेकिन वैदिक परंपरा में प्रत्येक दिन एक शासक ग्रह से भी जुड़ा है — रविवार सूर्य से, सोमवार चंद्रमा से, और इसी तरह शनिवार व शनि तक। नक्षत्र वह चंद्र नक्षत्र है जिसमें उस दिन चंद्रमा स्थित होता है — 27 तारा समूहों में से एक, प्रत्येक 13°20' राशिचक्र में फैला हुआ और चार पदों में विभाजित।

योग और करण वैदिक ज्योतिष के गंभीर अध्ययन के बाहर कम परिचित हैं। योग सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त देशांतर (उनके अंतर के बजाय योग) से बनता है, जिससे विष्कम्भ से वैधृति तक 27 नामित योग बनते हैं। करण एक अर्ध-तिथि है — एक चंद्र मास में 60 करण होते हैं, जो सात दोहराए जाने वाले चर करणों (बव से विष्टि तक) और चार स्थिर करणों (किंस्तुघ्न, शकुनि, चतुष्पद और नाग) से बनते हैं, जो प्रति चक्र केवल एक बार आते हैं।

यह पंचांग कैसे गणना की जाती है

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    तारीख चुनें

    कोई भी तारीख चुनें — भूत, वर्तमान या भविष्य। इसके लिए जन्म विवरण, स्थान या खाते की ज़रूरत नहीं है — यह एक सामान्य पंचांग खोज है, व्यक्तिगत जन्म कुंडली नहीं।

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    दोपहर IST पर सूर्य व चंद्रमा की स्थिति

    हम चुनी गई तारीख को भारतीय मानक समय के दोपहर 12 बजे सूर्य और चंद्रमा के वास्तविक सायडेरियल (लाहिड़ी अयनांश) देशांतर की गणना खगोलीय पंचांग डेटा का उपयोग करके करते हैं।

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    पाँच अंग प्रकट होते हैं

    इन दो देशांतरों से, हम तिथि और करण (उनके अंतर से), योग (उनके योग से), नक्षत्र (चंद्रमा की स्थिति से) और वार (सप्ताह का दिन ही) निकालते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो किसी दिन को पाँच ज्योतिषीय तत्वों के माध्यम से वर्णित करता है: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्र नक्षत्र), योग और करण (अर्ध-तिथि)। यह शुभ तारीखें चुनने, त्योहार तय करने और पारंपरिक वैदिक समय-निर्धारण का आधार है।

तिथि क्या है?

तिथि एक चंद्र दिवस है, जिसे चंद्रमा और सूर्य के बीच की कोणीय दूरी के 12 डिग्री बढ़ने में लगने वाले समय के रूप में परिभाषित किया जाता है। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, जो बढ़ते पखवाड़े (शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा पर समाप्त) और घटते पखवाड़े (कृष्ण पक्ष, अमावस्या पर समाप्त) में बंटी होती हैं।

इसकी गणना मेरे शहर और सूर्योदय के बजाय दोपहर IST के लिए क्यों की गई है?

एक पारंपरिक मुद्रित पंचांग हर पाँच अंग की गणना सूर्योदय से, किसी विशेष स्थान के लिए करता है, और हर अंग दिन के बीच में बदल सकता है। यह कैलकुलेटर एक सरल मुफ़्त टूल है जो किसी भी तारीख के लिए भारतीय मानक समय के दोपहर पर एक स्थिर स्नैपशॉट देता है, इसलिए तिथि या करण की सीमा के निकट परिणाम पूर्ण स्थान-आधारित पंचांग से थोड़ा भिन्न हो सकते हैं।

योग और करण क्या हैं?

योग सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त (योग किए गए) देशांतर से बने 27 नामित अवधियों में से एक है। करण एक अर्ध-तिथि है — एक चंद्र मास में 60 करण होते हैं, जो सात दोहराए जाने वाले 'चर' करणों और चार 'स्थिर' करणों से बनते हैं जो प्रति चक्र केवल एक बार आते हैं। दोनों का उपयोग तिथि और नक्षत्र के साथ मुहूर्त (शुभ समय) विश्लेषण में किया जाता है।

क्या यह कैलकुलेटर मुफ़्त है?

हाँ, पूरी तरह मुफ़्त — बिना साइनअप, लॉगिन या भुगतान के।

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