वैदिक ज्योतिष राशि चक्र में चंद्रमा के पथ को 27 नक्षत्रों (चंद्र मंडलों) में विभाजित करता है, जिनमें से प्रत्येक 13°20′ का होता है। आपका जन्म नक्षत्र — आपकी सटीक चंद्र स्थिति से निर्धारित — विंशोत्तरी दशा की गणना का आधार है और इसे केवल चंद्र राशि से भी अधिक सटीक माना जाता है। पूरी गाइड पढ़ें →
जन्म नक्षत्र आपकी जन्म कुंडली में चंद्रमा की सटीक निरयण स्थिति से निकाला जाता है। इसी कारण दो लोगों की चंद्र राशि समान हो सकती है, लेकिन उनका नक्षत्र अलग हो सकता है।
हर नक्षत्र का ग्रह स्वामी विंशोत्तरी दशा क्रम से जुड़ा होता है। जन्म के समय चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे है, उससे आरंभिक महादशा का शेष भाग निकाला जाता है।
देवता और प्रतीक को शाब्दिक भविष्यवाणी की तरह नहीं पढ़ना चाहिए। ये पारंपरिक ज्योतिष में स्वभाव, प्रेरणा और जीवन-थीम समझाने के संकेत हैं।
पूर्ण जन्म कुंडली आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से चंद्र राशि, लग्न और हर ग्रह की स्थिति की गणना करती है। गणना सटीक है; हर स्थिति का अर्थ पारंपरिक व्याख्या है।
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